बाघ पर छोटा और अच्छा हिंदी में निबंध | बाघ की विशेषता, जीवन शैली, प्रजातियां, संरक्षण।

बाघ पर छोटा और अच्छा हिंदी में निबंध | बाघ की विशेषता, जीवन शैली, प्रजातियां, संरक्षण।

बाघ 

जंगल के ताकतवर जानवरो में से एक, बाघ का नाम सुनते ही जंगल के सारे जानवर डर जाते है। बाघ पर छोटा और अच्छा हिंदी में निबंध के माध्यम से बाघ की विशेषता, जीवन शैली, प्रजातियां, संरक्षण को बताना ही उद्देश्य है।

बाघ पर छोटा और अच्छा हिंदी में निबंध – रूपरेखा  

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है, ये सुन्दर, ताकतवर, और विशाल काय जानवरो में से एक है। बाघ का वैज्ञानिक नाम पेंथेरा टाइग्रिस है। बिल्ली प्रजाति का बाघ होता है, इसकी सरीर की संरचना बिल्ली की तरह है।

शारीरिक संरचना 

  • बाघ लगभग 7-10 फ़ीट लम्बा है, और इसका वजन वजन लगभग 350 किलो तक होता है, किसी किसी बाघ की वजन तोह इससे भी ज्यादा होती है।
  • पीले और भूरे रंग का मिश्रण से इसका शरीर दिखाई देता है जिसपर काली रंग की धारिया होती है। 
  • पेट और पंजे के निचे का रंग सफ़ेद होता है।
चार पैर 3 फ़ीट का पूछ नुकीले दांत
नुकीले पंजे दो आँख, दो कान, एक मुँह भारी शरीर

बाघ की विशेषता 

  1. 20-25 किलो तक मांस खा सकता है।
  2. इसका गर्भकाल लगभग 95 से 115 दिन का होता है।
  3. 2-3 बच्चो को जन्म देती है।
  4. 40-60 किलो मीटर की तेजी से दौर सकता है।
  5. भारी वजन की वजह से ये जल्दी थक जाता है।
  6. 10-15 साल की जीवन होता है कभी कभी 25 साल तक जीते है
  7. ये अकेले रहते है औरअकेले ही शिकार करते है।
  8. ये बिल्ली की प्रजाति से है।
  9. हर बाघ की शरीर की धारिया अलग होती है जिनसे इन्हे पहचाना जाता है।
  10. दौरते वक़्त इसका पूछ बैलेंस का काम करती है
  11. इनका बच्चा जन्म के लगभग 14-15 दिन बाद आंखे खोलता है।
  12. बाघ लगभग 20-30 फ़ीट छलांग लगा सकते है।
  13. इनका पैर गद्देदार होता है जिनकी वजह से शिकार के समय आवाज नहीं आती।

जीवन शैली 

बाघ लगभग भारत अस्थानो में पाया जाता है। मगर सुंदरबन जंगलो में सबसे ज्यादा पाया  है। यह छुपकर शिकार करना पसंद करते है। इनका छेत्र निर्धारित रहता है, ये लगभग सभी जानवरो को खाते है – जैसे सूअर, भेस, बकरी, लोमड़ी अदि।

प्रजातियां 

बाघ की कुल 8 प्रजातियां होती है। मगर इस समय सिर्फ 6 प्रजातियां ही है –

बंगाल टाइगर ईडो-चाइनीज़ बाघ सुमात्रा बा साइबेरियन बाघ मलयान बाघ दक्षिणी चीनी बाघ
बाघ कहा पायी जाती है 
भारत कंबोडिया नेपाल बांग्लादेश चीन कोरिया भूटान अफगानिस्तान इंडोनेशिया

बाघ का महत्व 

पर्यावरण के संचार के लिए बाघ का होना बहुत जरुरी है। लाइफ सर्किल का बैलेंस होता है

भारतीय संस्कृति में बाघ माँ दुर्गा का वाहन  जाता है, जिसकी वजह से इसकी पूजा भी जाती है।

कई सारी सभ्यता जैसे सिंधु घाटी सभ्यता में इसका मोहर के तोर पे इस्तेमाल किया जाता था ।

संरक्षण 

बाघों का शिकार आज समय में बहुत ज्यादा होता है। इनकी जनसँख्या बहुत कम होते जा रही है जिसके कारन इसका संरक्षण जरुरी है।

भारत सरकार ने इन्हे बचाने के लिए  अधिनियम 1972 को लागू किया जिसके कारण इनका संरक्षण होता है।

निष्कर्ष 

बाघ पर्यावरण के लिए बहुत जरुरी है, जितना हो सके हम  को जागरूक होना चाहिए। बाघ को बचाने से ही हम भी इस प्रकृति में रह सकते है।

SOURCE AND CREDIT – Silent Course 

आशा है आपको ये बाघ पर छोटा और अच्छा हिंदी में निबंध अच्छा लगा होगा। बेहतर सुझाव  कमेंट करे। जय हिन्द।

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